
一 | संवाद सहयोगी, मनीगाछी/तारडीह (दरभंगा)। सकतपुर थाना क्षेत्र के सोनपुर टोला के प्राथमिक विद्यालय मधपुर, वार्ड संख्या छह के निर्वतमान एचएम एवं मनीगाछी बीएलओ राजेश कुमार ठाकुर को गुरुवार की शाम करीब पांच बजे अज्ञात अपराधियों ने गोली मार दी। गंभीर हालत में उन्हें पंडौल के एक निजी अस्पताल में ले जाया गया, जहां से चिकित्सकों ने डीएमसीएच रेफर कर दिया। डीएमसीएच लाने के दौरान रास्ते में उनकी मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, घटना के वक्त वे बाइक से विद्यालय से उजान चौक की ओर जा रहे थे।,गंगौली कनकपुर वार्ड छह के पास चन्ना झा पोखर दलित कालोनी के समीप सामने से आ रही एक बाइक पर सवार तीन अपराधियों में से बीच में बैठे बदमाश ने उन्हें गोली मार दी। ग्रामीणों ने बताया कि गोली लगने के बाद लगभग दो सौ मीटर की दूरी मोटरसाइकिल से चला कर उजान घनश्यामपुर पीडब्ल्यूडी सड़क के उजान पहुंचे।,सड़क पर गिरने के उपरांत स्थानीय लोगों की मदद से पंडौल के एक निजी अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया, जहां से कुछ देर बाद डीएमसीएच रेफर कर दिया गया, लेकिन रास्ते में उन्होंने दम तोड़ दिया। गोली उनके पेट के दाहिनी ओर लगी।,घटना की सूचना मिलते ही सकतपुर थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना के कारणों का अब तक पता नहीं चल सका है। तफ्तीश जारी है। राजेश कुमार ठाकुर मधुबनी जिला के फुलपरास थाना के सुगापट्टी गांव के निवासी हैं। फिलहाल उनका स्थानांतरण घोघरडीहा प्रखंड में हो गया था लेकिन बीएलओ कार्य की वजह से सुगापट्टी से विद्यालय आना-जाना कर रहे थे और अपने नव-पदस्थापित विद्यालय के लिए विरमित नहीं हो सके थे।,बीडीओ डीएल यादव व बीपीआरओ सह बीईओ अशोक कुमार ने भी घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि कारण नहीं मालूम हो सका है। राजेश ठाकुर अविवाहित थे। चार भाइयों में सबसे बड़े थे। बीपीएससी से टीआरई-वन में शिक्षक बने थे।,पिता नीलांबर ठाकुर गांव घर में बढ़ई मिस्त्री का कार्य करते हैं। बेनीपुर एसडीपीओ आशुतोष कुमार ने रात में घटनास्थल का जायजा लिया। बताया कि अपराधियों की पहचान के लिए छानबीन की जा रही है। घटना के कारण की पड़ताल की जा रही है।。 लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गणेश चतुर्थी का पर्व आते ही मुंबई शहर का माहौल देखने लायक होता है। ये पूरा शहर और भी ज्यादा भक्ति से भर जाता है। इस मौके पर लाेग अपने घरों में बप्पा के मूर्ति की स्थापना करते हैं। इसी आस्था के बीच एक ऐसा स्थान है, जहां हर दिन लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं और बप्पा का आशीर्वाद पाते हैं। ये जगह है मुंबई का फेमस सिद्धिविनायक मंदिर। ये मंदिर अपने आप में एक खास पहचान रखता है। आइए मंदिर से जुड़ी बातों को जानते हैं विस्तार से -,भगवान गणेश, जिन्हें सिद्धिविनायक भी कहा जाता है, विघ्नहर्ता और सफलता देने वाले माने जाते हैं। नए काम की शुरुआत हो, जीवन में कोई भी कठिनाइयां हों या फिर ज्ञान और बुद्धि की कामना हो, हर भक्त यहां आकर उनका आशीर्वाद लेते हैं। यहां आकर जो भी सच्चे मन से अपनी कोई भी इच्छा बप्पा के सामने रखता है, उसकी मनोकामना जरूर पूरी होती है।,आपको बता दें कि सिद्धिविनायक मंदिर का निर्माण 18वीं शताब्दी में लक्स्मण विठू पाटिल और उनकी पत्नी देउबाई पाटिल ने कराया था। समय के साथ इसमें कई बार बदलाव हुए। आज ये एक भव्य मंदिर के रूप में सामने है। मंदिर की दीवारों, शिखरों और खंभों पर की गई सुंदर नक्काशी इसे और भी दिव्य बना देती है।,
Image Credit- Freepik सिद्धिविनायक मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश करते ही ऐसा लगता है मानो हम शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा की एक अलग ही दुनिया में आ गए हों। यहां भगवान गणेश जी मुख्य देवता के रूप में विराजमान हैं। प्रतिमा के चारों ओर फूलों, मालाओं और भक्तों द्वारा चढ़ाए गए प्रसाद से सजावट की जाती है। श्री सिद्धिविनायक की मूर्ति एक ही काले पत्थर से बड़ी बारीकी से बनाई गई है। इसकी ऊंचाई करीब ढाई फीट और चौड़ाई दो फीट है।,वहीं गणेश जी की सूंड दाहिनी ओर मुड़ी हुई है, जो बहुत दुर्लभ मानी जाती है। इस प्रतिमा के चार हाथ हैं। ऊपरी दाहिने हाथ में कमल, ऊपरी बाएं हाथ में परशु (कुल्हाड़ी), निचले दाहिने हाथ में जपमाला और निचले बाएं हाथ में मोदक से भरा कटोरा है। ये सभी चीजें शुभता और आशीर्वाद का प्रतीक मानी जाती हैं।,प्रतिमा पर एक खास चीज और देखने को मिलती है और वो है एक सर्प पवित्र जनेऊ की तरह बाएं कंधे से दाहिनी ओर पेट तक लिपटा हुआ है। ये मूर्ति की आध्यात्मिकता और आकर्षण को और बढ़ा देता है। इसके अलावा माथे पर तीसरी आंख की तरह एक दिव्य नेत्र बना है। जो महादेव का प्रतीक माना जाता है।,
Image Credit- Instagram गणेश जी के दोनों ओर रिद्धि और सिद्धि देवी भी विराजमान हैं, जिन्हें समृद्धि और सफलता की प्रतीक माना जाता है। यही कारण है कि इस मंदिर को सिद्धिविनायक गणपति मंदिर कहा जाता है। यहां आकर कई भक्तों ने अपने जीवन में चमत्कारिक अनुभव भी शेयर किए हैं। हर दिन मंदिर में मंत्रोच्चारण और अगरबत्ती की खुशबू वातावरण को और भी पावन बना देती है।,
Current article:http://u7s.wengsengzhanhuangu.cyou/rpfpbpx/7czd2y.html
Published on:00:14:50
沈阳对违规售卖兽用管制药品门店依法立案调查
上门女婿
两小丫内卷是中国跳水的幸事
野兽之道
科兴制药核心技术人员尚维减持2000股,减持金额4.41万元
偷天换日
恒生科技指数跌超3% 跌破4000点关口_扩大至_数据
饭局的诱惑
首发|超20家机构,投了一家“世界模型”独角兽
美味情缘
在“倒春寒”里卖掉11万辆,零跑做对了什么?
神雕侠侣古天乐版